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66: سورة التحريم
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.
yāayyuhā l-nabiyu lima tuḥarrimu mā aḥalla l-lahu laka tabtaghī marḍāta azwājika wal-lahu ghafūrun raḥīmun
ऐ नबी! आप उस चीज़ को क्यों हराम करते हैं, जिसे अल्लाह ने आपके लिए हलाल किया है? आप अपनी पत्नियों की प्रसन्नता चाहते हैं? तथा अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
qad faraḍa l-lahu lakum taḥillata aymānikum wal-lahu mawlākum wahuwa l-ʿalīmu l-ḥakīmu
निश्चय अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारी क़समों का कफ़्फ़ारा निर्धारित कर दिया है। तथा अल्लाह तुम्हारा स्वामी है और वही सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
wa-idh asarra l-nabiyu ilā baʿḍi azwājihi ḥadīthan falammā nabba-at bihi wa-aẓharahu l-lahu ʿalayhi ʿarrafa baʿḍahu wa-aʿraḍa ʿan baʿḍin falammā nabba-ahā bihi qālat man anba-aka hādhā qāla nabba-aniya l-ʿalīmu l-khabīru
और उस समय को याद करो, जब नबी ने अपनी किसी पत्नी से गोपनीय रूप से एक बात कही। फिर जब उस (पत्नी) ने वह बात बता दी और अल्लाह ने नबी को उससे अवगत कर दिया, तो नबी ने (उस पत्नी को) उसमें से कुछ बात बताई और कुछ टाल गए। फिर जब नबी ने उस पत्नी को इसके बारे में बताया, तो उसने कहा : यह आपको किसने बताया? आपने कहा : मूझे उस (अल्लाह) ने बताया, जो सब कुछ जानने वाला, सब की खबर रखने वाला है।
in tatūbā ilā l-lahi faqad ṣaghat qulūbukumā wa-in taẓāharā ʿalayhi fa-inna l-laha huwa mawlāhu wajib'rīlu waṣāliḥu l-mu'minīna wal-malāikatu baʿda dhālika ẓahīrun
यदि तुम दोनों अल्लाह के समक्ष तौबा करो, क्योंकि निश्चय तुम दोनों के दिल झुक गए हैं। और यदि तुम उनके विरुद्ध एक-दूसरे की सहायता करोगी, तो निःसंदेह अल्लाह उनका सहायक है तथा जिब्रील और सदाचारी ईमान वाले और इसके बाद समस्त फ़रिश्ते (उनके) सहायक हैं।
ʿasā rabbuhu in ṭallaqakunna an yub'dilahu azwājan khayran minkunna mus'limātin mu'minātin qānitātin tāibātin ʿābidātin sāiḥātin thayyibātin wa-abkāran
यदि वह (नबी) तुम्हें तलाक़ दे दें, तो निकट है कि उनका पालनहार तुम्हारे बदले में उन्हें तुमसे बेहतर पत्नियाँ प्रदान कर दे, जो इस्लाम वालियाँ, ईमान वालियाँ, आज्ञापालन करने वालियाँ, तौबा करने वालियाँ, इबादत करने वालियाँ, रोज़ा रखने वालियाँ, पहले से शादीशुदा तथा कुँवारियाँ हों।
yāayyuhā alladhīna āmanū qū anfusakum wa-ahlīkum nāran waqūduhā l-nāsu wal-ḥijāratu ʿalayhā malāikatun ghilāẓun shidādun lā yaʿṣūna l-laha mā amarahum wayafʿalūna mā yu'marūna
ऐ ईमान वालो! अपने आपको और अपने घर वालों को उस आग से बचाओ जिसका ईंधन मनुष्य और पत्थर हैं। जिसपर कठोर दिल, बलशाली फ़रिश्ते नियुक्त हैं। जो अल्लाह उन्हें आदेश दे, उसकी अवज्ञा नहीं करते तथा वे वही करते हैं, जिसका उन्हें आदेश दिया जाता है।
yāayyuhā alladhīna kafarū lā taʿtadhirū l-yawma innamā tuj'zawna mā kuntum taʿmalūna
ऐ काफ़िरो! आज बहाने न बनाओ। तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
yāayyuhā alladhīna āmanū tūbū ilā l-lahi tawbatan naṣūḥan ʿasā rabbukum an yukaffira ʿankum sayyiātikum wayud'khilakum jannātin tajrī min taḥtihā l-anhāru yawma lā yukh'zī l-lahu l-nabiya wa-alladhīna āmanū maʿahu nūruhum yasʿā bayna aydīhim wabi-aymānihim yaqūlūna rabbanā atmim lanā nūranā wa-igh'fir lanā innaka ʿalā kulli shayin qadīrun
ऐ ईमान वालो! अल्लाह के आगे सच्ची तौबा उनके आगे तथा उनके दाएँ दौड़ रहा होगा। वे कह रहे होंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमारे लिए हमारे प्रकाश को पूर्ण कर दे तथा हमें क्षमा कर दे। निःसंदेह तू हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
yāayyuhā l-nabiyu jāhidi l-kufāra wal-munāfiqīna wa-ugh'luẓ ʿalayhim wamawāhum jahannamu wabi'sa l-maṣīru
ऐ नबी! काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से जिहाद करें और उनपर सख़्ती करें और उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
ḍaraba l-lahu mathalan lilladhīna kafarū im'ra-ata nūḥin wa-im'ra-ata lūṭin kānatā taḥta ʿabdayni min ʿibādinā ṣāliḥayni fakhānatāhumā falam yugh'niyā ʿanhumā mina l-lahi shayan waqīla ud'khulā l-nāra maʿa l-dākhilīna
अल्लाह ने उन लोगों के लिए, जिन्होंने कुफ़्र किया, नूह की पत्नी तथा लूत की पत्नी का उदाहरण दिया है। वे दोनों हमारे बंदों में से दो नेक बंदों के विवाह में थीं। फिर उन दोनों (स्त्रियों) ने उनके साथ विश्वासघात किया। तो वे दोनों (रसूल) अल्लाह के यहाँ उनके कुछ काम न आए। तथा (दोनों स्त्रियों से) कहा गया : तुम दोनों जहन्नम में प्रवेश कर जाओ, प्रवेश करने वालों के साथ।
waḍaraba l-lahu mathalan lilladhīna āmanū im'ra-ata fir'ʿawna idh qālat rabbi ib'ni lī ʿindaka baytan fī l-janati wanajjinī min fir'ʿawna waʿamalihi wanajjinī mina l-qawmi l-ẓālimīna
तथा अल्लाह ने उन लोगों के लिए, जो ईमान लाए, फ़िरऔन की पत्नी का उदाहरण दिया है। जब उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए अपने पास जन्नत में एक घर बना तथा मुझे फ़िरऔन और उसके कर्म से बचा ले और मुझे अत्याचारी लोगों से छुटकारा दे।
wamaryama ib'nata ʿim'rāna allatī aḥṣanat farjahā fanafakhnā fīhi min rūḥinā waṣaddaqat bikalimāti rabbihā wakutubihi wakānat mina l-qānitīna
तथा इमरान की बेटी मरयम का (उदाहरण प्रस्तुत किया है), जिसने अपने सतीत्व की रक्षा की, तो हमने उसमें अपनी एक रूह़ फूँक दी तथा उसने अपने पालनहार की बातों और उसकी पुस्तकों की पुष्टि की और वह इबादत करने वालों में से थी।
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